Different Shayari 3
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Different Subjects Different Shayari

तुझसे अच्छे तो जख्म हैं मेरे ।उतनी ही तकलीफ देते हैं जितनी बर्दास्त कर सकूँ क्या बात है, बड़े चुपचाप से बैठे हो.कोई बात दिल पे लगी है या दिल कही लगा बैठे हो खरीददार तो बहोत मिले इस दिल...

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